एसडीएम करुण डहरिया समेत 4 गिरफ्तार: आदिवासी किसान की मौत से मचा हड़कंप

बलरामपुर/कुसमी |

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। कुसमी क्षेत्र में एक 62 वर्षीय आदिवासी किसान की मौत के बाद एसडीएम करुण डहरिया और उनके तीन साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मंगलवार देर शाम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
✍️15 फरवरी की रात क्या हुआ था?
घटना कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम हंसपुर की बताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, 15 फरवरी की रात जंगल में अवैध बॉक्साइट से लदे एक ट्रक को ग्रामीणों ने रोका था। सूचना मिलने पर एसडीएम करुण डहरिया मौके पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि उनके साथ कोई आधिकारिक पुलिस टीम नहीं थी, बल्कि वे कुछ स्थानीय युवकों—विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव—के साथ वहां पहुंचे थे।
✍️मारपीट के बाद किसान की मौत
ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों के साथ मारपीट हुई।
इस दौरान हंसपुर निवासी राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है।
✍️गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज
कोरंधा थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं—
धारा 103(1) – हत्या
धारा 115(2) – जानबूझकर चोट पहुंचाना
धारा 3(5) – सामूहिक अपराध
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को विधिसम्मत कार्रवाई के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
✍️घटना के कारणों पर अलग-अलग दावे
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों द्वारा घटना को लेकर कई आरोप लगाए जा रहे हैं, जिनमें अवैध खनन और विवाद की बात कही जा रही है।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच एजेंसियां ट्रक मालिक, मौके पर मौजूद व्यक्तियों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
नायब तहसीलदार की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई कि घटना के समय ✍️एक नायब तहसीलदार की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने कहा है कि सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
✍️न्यायालय पेशी के दौरान कड़ी सुरक्षा
आरोपियों को राजपुर न्यायालय लाए जाने के दौरान क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए।
✍️पूर्व विवादों की भी हो रही चर्चा
करुण डहरिया पूर्व में भी एक मामले में चर्चा में रहे थे।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गरियाबंद में पदस्थापना के दौरान कथित रिश्वत प्रकरण में कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई रायपुर से पहुंची टीम द्वारा की गई थी।
उस मामले में एक ठेकेदार की शिकायत पर बिल भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया था। एजेंसी ने ट्रैप कार्रवाई कर अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया था।
✍️पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पर टिकी नजर
पुलिस का कहना है कि—
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि होगी।
घटनास्थल से जुड़े सभी तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और प्रशासनिक हलकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक इस घटना ने व्यापक चर्चा और चिंता पैदा कर दी है।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *