बैंक खाते से फर्जी लेन-देन का मामला, पीड़िता ने कलेक्टर व थाने में की शिकायत

Reporter wahidulla Khan

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बिलासपुर। जिले में बैंक खाते से कथित फर्जी लेन-देन का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम कछार, थाना कोनी निवासी कमलेश बाई यादव ने अपने बैंक खाते से अनियमित निकासी और राशि जमा न किए जाने की शिकायत कलेक्टर तथा थाना प्रभारी कोनी से की है। पीड़िता ने मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के नाम से भारतीय स्टेट बैंक की मोपका शाखा में खाता संचालित है, जिसमें शासन द्वारा स्वीकृत आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना की राशि जमा होती रही है। पीड़िता का आरोप है कि खाते में आई आवास योजना की पहली किस्त 40,000 रुपये में से कियोस्क संचालक द्वारा 20-20 हजार रुपये दो बार निकाल लिए गए।

इसके अतिरिक्त पूर्व में 1,20,000 रुपये जमा करने की बात कही गई, लेकिन वह राशि खाते में जमा नहीं हुई। जानकारी लेने पर संबंधित संचालक ने पैसे लौटाने का आश्वासन दिया और अब तक 70,000 रुपये नगद वापस किए, जबकि शेष 50,000 रुपये अभी तक वापस नहीं किए गए हैं।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आवास योजना की दूसरी किस्त 55,000 रुपये आने पर 28 फरवरी 2025 को कियोस्क के माध्यम से 30-30 हजार रुपये कुल 60,000 रुपये निकाले गए। बाद में 1 मार्च 2025 को फिर से 30,000 रुपये के लेन-देन को “फेल” बताकर दोबारा अंगूठा लगवाया गया।

पीड़िता का आरोप है कि 8 मई 2025 को पुनः खाते से राशि निकाली गई, जिससे बचत राशि भी कम होती गई। जब बैंक जाकर जानकारी ली गई तो खाते के होल्ड होने की बात सामने आई। पीड़िता का कहना है कि उसे किसी प्रकार के लोन की जानकारी नहीं है, जबकि खाते से लोन निकाले जाने का संदेह जताया जा रहा है।

आवेदन में दो कियोस्क संचालकों पर संदेह व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध जांच की मांग की गई है। पीड़िता ने कहा कि उसे लगातार बैंक लेन-देन की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और बिना अनुमति राशि निकाली जाती रही।

पीड़िता ने प्रशासन से खाते को पुनः चालू कराने, संपूर्ण लेन-देन की जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की शिकायत की प्रति थाना कोनी को भी सौंप दी गई है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आर्थिक अनियमितता की जांच किस प्रकार करता है और पीड़िता को न्याय कब तक मिल पाता है।

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