मुंगेली में धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, लिमिट बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत

मुंगेली में धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, लिमिट बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत

मुंगेली | 18 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में मुंगेली जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा रहा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले की सभी समितियों में धान खरीदी की दैनिक लिमिट बढ़ा दी गई है, जिससे अब प्रतिदिन अधिक मात्रा में धान खरीदी संभव हो सकी है।
जिले के 66 सहकारी समितियों के 105 उपार्जन केंद्रों में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने बताया कि टोकन वितरण से लेकर धान विक्रय तक की प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित हो रही है और किसानों को किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी नहीं हो रही है।
जिला खाद्य अधिकारी श्री हुलेश डड़सेना ने जानकारी दी कि जिले में 1 लाख 10 हजार 900 से अधिक किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 90 हजार से अधिक किसानों ने धान विक्रय किया है। अब तक जिले में 43 लाख क्विंटल से अधिक धान खरीदी की जा चुकी है। इसमें
मोटा धान – 23,72,486 क्विंटल,
पतला धान – 134 क्विंटल,
सरना धान – 18,95,496 क्विंटल शामिल है।
उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव लगातार जारी है और अब तक 27 लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक धान का उठाव किया जा चुका है। किसानों को धान विक्रय की राशि माइक्रो एटीएम एवं चेक के माध्यम से त्वरित रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक किसानों को 994 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। प्रतिदिन लगभग 3 हजार किसानों को करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है।
अवैध भंडारण व परिवहन पर कड़ी नजर
कलेक्टर के निर्देश पर जिले की सीमाओं एवं चेक पोस्टों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध वाहनों और परिवहन गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान खपाने पर रोक लगाने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से खरीदी, भंडारण और परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
 फोटो कैप्शन (Photo News Caption):
मुंगेली जिले के उपार्जन केंद्र में धान विक्रय करते किसान, बढ़ी खरीदी लिमिट से किसानों को मिली राहत।

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