माइन क्लोज़र प्लान के तहत मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर संपन्न

एसईसीएल बांकी–कोरबा क्षेत्र की पहल से खदान प्रभावित परिवारों को मिलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग

बांकीमोंगरा/कोरबा।
एसईसीएल कोरबा क्षेत्र अंतर्गत बांकी उपक्षेत्र द्वारा माइन क्लोज़र प्लान (Mine Closure Plan) के तहत बांकी बस्ती सामुदायिक भवन में छह दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 26 से 31 अक्टूबर तक आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य खदान बंद होने से प्रभावित स्थानीय ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) तथा बेरोजगार युवाओं को वैकल्पिक आजीविका के साधन उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।

प्रशिक्षण शिविर में बांकी बस्ती, 2 नं. दफाई, पुरैना, पौसरा, जंगल साइड, अरदा, भेजिनारा, कुचेना, हरदी, कृष्णा नगर, बेलटिकरी, नराईबोध, भैरोताल सहित आसपास के क्षेत्रों के 17 महिला स्वयं सहायता समूहों व बेरोजगार युवाओं सहित कुल 93 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। समापन के दौरान सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

मैनेजमेंट ने दिए आत्मनिर्भरता के मंत्र

समापन अवसर पर एसईसीएल बांकी–सुराकछार एवं बलगी उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री देवेंद्र मेश्राम ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि माइन क्लोज़र के बाद क्षेत्र में रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण व सुरक्षा को लेकर कोल इंडिया द्वारा आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रभावित ग्रामों में माइन क्लोज़र प्लान में उल्लेखित सुविधाओं का लाभ सुगमता से दिलाया जाएगा।

उन्होंने प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन को आजीविका का बेहतर माध्यम बताते हुए कहा—

> “कम लागत में अधिक लाभ के लिए मशरूम उत्पादन ग्रामीणों के लिए उत्कृष्ट अवसर है। इसे अपनाकर प्रतिभागी अपनी आय बढ़ा सकते हैं।”

स्थानीय संगठनों ने रखीं मांगें

इस अवसर पर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री सपुरन कुलदीप ने कोल बेयरिंग एक्ट में संशोधन कर अधिग्रहित भूमि को मूल किसानों को वापस करने तथा कृषि व व्यवसायिक उन्नयन हेतु विशेष आर्थिक सहयोग की मांग रखी। उन्होंने माइन क्लोज़र प्लान पर विस्तृत जनसुनवाई कराने की भी जरूरत बताई।

वार्ड पार्षद शिवरतन सिंह कंवर ने खदान कार्य से प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए एसईसीएल से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के ठोस कदम उठाने की मांग की।

विशेषज्ञों ने दिया प्रायोगिक प्रशिक्षण

कृषि वैज्ञानिक श्री दिनेश कुमार ने छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक व प्रायोगिक ज्ञान प्रदान किया तथा व्यावसायिक स्तर पर मशरूम उत्पादन की तकनीकें समझाईं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एसईसीएल कोरबा की सीएसआर प्रबंधक श्रीमती रश्मि कला तिर्की के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजू यादव, बजरंग दास, संतोष चौहान, रुद्र दास महंत, लीला साहू, रविंद्र जगत और ललित महिलांगे का विशेष योगदान रहा।

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