 ग्राम सेंदरी के सरपंच राजेश ध्रुव पर पंचायत निधि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप — ग्रामीणों में आक्रोश

बिलासपुर/सेंदरी, 11 अक्टूबर 2025 | खबर छत्तीसगढ़ टीम रिपोर्ट

बिलासपुर ज़िले के ग्राम सेंदरी में पंचायत निधि और मूलभूत राशि के दुरुपयोग को लेकर वर्तमान सरपंच राजेश ध्रुव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
खबर छत्तीसगढ़ टीम द्वारा की गई जांच-पड़ताल में यह सामने आया है कि गांव में विकास कार्य ठप पड़े हैं और ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न तो नाली निर्माण हुआ है और न ही सड़कों की मरम्मत, जिसके चलते बरसात के मौसम में कीचड़ और गंदगी का आलम रहता है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोगों का जीना दूभर हो गया है।

गांव का मुख्य तालाब, जो पहले स्वच्छता और धार्मिक आस्था का केंद्र था, अब गंदगी और बदबू से भर गया है। तालाब के बीच स्थित शिव मंदिर तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीण बताते हैं कि पूर्व और वर्तमान सरपंच को इस स्थिति की जानकारी बार-बार दी गई, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

गांव के बाजार क्षेत्र में भी नाली व्यवस्था और सड़क निर्माण की कमी से सब्जी विक्रेताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात के दिनों में कीचड़ और गंदे पानी से बाजार क्षेत्र दूषित हो जाता है, जिससे खाद्य सामग्री भी प्रभावित होती है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा पंचायत की मूलभूत राशि और मनरेगा फंड का उपयोग निजी कार्यों में किया जा रहा है। सरपंच से जब मनरेगा कार्ड और खर्च का ब्यौरा मांगा गया, तो उन्होंने जानकारी देने से इंकार कर दिया।

गांव के केवट समाज और अन्य समुदायों ने सरपंच के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए कहा है कि वे पद से इस्तीफा दें, ताकि पंचायत का कामकाज पारदर्शी रूप से आगे बढ़ सके। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चाटुकार पत्रकार सरपंच के इशारे पर गांव की वास्तविक समस्याओं को दबाने का काम कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम सेंदरी पंचायत में विकास कार्यों और फंड के उपयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की जाए।

 मुख्य बिंदु:

पंचायत निधि और मूलभूत राशि के निजी उपयोग का आरोप

नाली, सड़क और तालाब की स्थिति अत्यंत खराब

मनरेगा फंड का ब्योरा देने से सरपंच का इंकार

ग्रामीणों में आक्रोश, सरपंच के इस्तीफे की मांग

कुछ स्थानीय पत्रकारों पर पक्षपात का आरोप

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