दुर्ग नन मामले में महिला आयोग के फैसले का GSS ने किया स्वागत, कहा— “संवैधानिक संस्थाओं की सख़्ती से मिलेगा न्याय”

रायपुर।
दुर्ग के बहुचर्चित नन प्रकरण में प्रताड़ित तीन आदिवासी युवतियों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज करने के छत्तीसगढ़ महिला आयोग के फैसले का गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) ने स्वागत और अभिनंदन किया है।

पिछले महीने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहे इस मामले में, युवतियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें बजरंग दल से जुड़े तत्वों ने प्रताड़ित किया, परंतु पुलिस ने उनका एफआईआर आवेदन स्वीकार नहीं किया। इसके बाद पीड़ित युवतियों ने छत्तीसगढ़ महिला आयोग से शिकायत की थी।

महिला आयोग द्वारा जांच उपरांत न केवल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया, बल्कि बजरंग दल के आरोपितों पर कार्रवाई में पक्षपात करने वाले रेलवे अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

GSS प्रवक्ता रामनारायण भारती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि –

> “यदि सभी संवैधानिक और कानूनी संस्थाएं निष्पक्षता से कार्य करें, तो नफरती और दंगाई तत्वों को कानून के दायरे में लाया जा सकता है। ऐसे साहसिक निर्णय समाज में शांति और न्याय की स्थापना के लिए मील का पत्थर हैं।”

उन्होंने कहा कि जनसंगठनों और सामाजिक संस्थाओं को भी ऐसी कार्यवाहियों का समर्थन करना चाहिए, जिससे सामाजिक सौहार्द और न्यायिक व्यवस्था को बल मिले।

इस अवसर पर GSS और अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने महिला आयोग में युवतियों के साथ प्रस्तुत होने से पहले बैठक भी की थी।

 संलग्न: GSS एवं सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ पीड़ित युवतियों की महिला आयोग में प्रस्तुत होने से पूर्व की बैठक का फोटोग्राफ।

️ दिनांक: ———
✍️ जारीकर्ता:
रामनारायण भारती, प्रवक्ता – गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS), रायपुर

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *