सरकारी पद पर बैठे डॉ. बबलू पटेल का खेल – घर में क्लीनिक खोलकर गांव के गरीबों की लूट

गांव लिमतरा/स्थानीय संवाददाता।
गांव के लोगों की उम्मीदें और भरोसा हमेशा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर टिकी रहती हैं। लेकिन जब वही डॉक्टर, जो सरकारी पद पर कार्यरत है, गरीबों की मजबूरी को कमाई का साधन बना ले तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकारी पदस्थ डॉ. बबलू पटेल अपने घर में निजी क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। मरीजों से 500 रुपये तक की परामर्श फीस वसूलने के साथ ही वे हजारों रुपये की दवाइयाँ लिखकर लोगों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि डॉ. पटेल मरीजों को सरकारी अस्पताल भेजने के बजाय अपने घर बुलाते हैं और वहीं इलाज करके मोटी रकम वसूलते हैं। इससे गरीब वर्ग स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर ठगा जा रहा है और सरकारी अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब एक महिला पत्रकार ने इस मुद्दे पर डॉ. पटेल से सवाल किया। ग्रामीणों के अनुसार, डॉक्टर ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया और रिश्वतखोरी का झूठा आरोप लगाते हुए 5,000 रुपये माँगने की बात कह डाली। इतना ही नहीं, डॉक्टर ने पत्रकार को कोर्ट केस में फँसाने की धमकी भी दी।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि अगर एक सरकारी डॉक्टर ही गरीबों का शोषण करेगा तो आम आदमी न्याय और स्वास्थ्य सुविधा कहाँ तलाशेगा?

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले में तत्काल संज्ञान ले, जांच कराए और दोषी पाए जाने पर डॉ. बबलू पटेल पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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