चेतना अभियान के तहत “आओ सँवारे कल अपना” – बिलासपुर पुलिस का अभिनव प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास की ओर

चेतना अभियान के तहत “आओ सँवारे कल अपना” – बिलासपुर पुलिस का अभिनव प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास की ओर


बिलासपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में जिले में कम्युनिटी पुलिसिंग को सशक्त करते हुए पुलिस लाइन, बिलासपुर में “चेतना अभियान” के अंतर्गत “आओ सवाँरे कल अपना” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत बच्चों एवं युवाओं को खेल, कला और आत्मरक्षा का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम में कबड्डी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, रनिंग, बैडमिंटन, कराटे, सेल्फ डिफेंस, खो-खो, योगा, जुंबा, पीटी सहित विभिन्न खेलों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही क्राफ्ट आर्ट, पेंटिंग, ड्राइंग, भाषण, वाद-विवाद, कविता, निबंध लेखन और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी निखारा जा रहा है।

इस अभियान में बिलासपुर पुलिस के साथ-साथ विभिन्न समाजसेवी संस्थाएं भी सक्रिय सहभागिता निभा रही हैं। इसी क्रम में कशौंधियान वैश्य समाज की महिला इकाई द्वारा महिला एवं बच्चों के लिए विशेष 7 दिवसीय सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर जूना बिलासपुर स्थित समाज भवन में आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय महिलाओं व बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में यह पहल समाज में बढ़ते अपराधों के मद्देनजर महिला एवं बाल सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जहां एक ओर पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठा रहा है, वहीं इस तरह के जागरूकता और आत्मरक्षा प्रशिक्षण समाज को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास हैं।

इस कार्यक्रम में रतनपुरिया कसौधन गुप्ता महिला मंडल की अध्यक्ष रश्मि गुप्ता, संरक्षक जोसना गुप्ता, सीमा गुप्ता, शारदा गुप्ता, कोषाध्यक्ष सीता गुप्ता, संरक्षक वीणा गुप्ता, किरण गुप्ता एवं ईश्वरी गुप्ता सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं और सक्रिय भूमिका निभाई।

“आओ सवाँरे कल अपना” कार्यक्रम 25 अप्रैल से 31 मई 2025 तक प्रतिदिन पुलिस लाइन बिलासपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों को मोबाइल, नशे और अपराध से दूर रखकर खेल-कला की ओर प्रेरित करना है, जिससे वे स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बन सकें।


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