एसईसीएल की क्षेत्रीय बैठकों में स्थानीय मुद्दों पर हुई सार्थक वार्ता, विकास कार्यों पर बनी सहमति22 अप्रैल को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में होगी उच्च स्तरीय बैठक

एसईसीएल की क्षेत्रीय बैठकों में स्थानीय मुद्दों पर हुई सार्थक वार्ता, विकास कार्यों पर बनी सहमति22 अप्रैल को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में होगी उच्च स्तरीय बैठक


एसईसीएल की क्षेत्रीय बैठकों में स्थानीय मुद्दों पर हुई सार्थक वार्ता, विकास कार्यों पर बनी सहमति
22 अप्रैल को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में होगी उच्च स्तरीय बैठक

छत्तीसगढ़ // कोरबा:
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति की 12 सूत्रीय मांगों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर गेवरा, दीपका, कोरबा, कुसमुंडा और रायगढ़ क्षेत्रीय कार्यालयों में द्विपक्षीय बैठकें संपन्न हुईं। इन बैठकों में प्रभावित क्षेत्रों के विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, मुआवजा, पुनर्वास और आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय भर्ती जैसे विषयों पर जिला प्रशासन के साथ व्यापक चर्चा हुई।

इन महत्वपूर्ण बैठकों में लिए गए निर्णयों और स्थानीय सहमति को अब एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में 22 अप्रैल को आयोजित होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में रखा जाएगा, जहाँ अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

क्षेत्रीय बैठकों में लिए गए मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:

  • मॉनिटरिंग कमेटी का गठन: प्रत्येक माह प्रभावित गांवों में चौपाल लगाकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन: प्रत्येक सप्ताह हर गांव में स्वास्थ्य शिविर और दवाओं का वितरण किया जाएगा।
  • जल आपूर्ति और बोर खनन: आवश्यकता अनुसार पेयजल की व्यवस्था और तालाबों में खदान के पानी का भराव किया जाएगा।
  • पुनर्वास ग्रामों में सुविधाएं: झिंगटपुर जैसे पुनर्वास ग्रामों में मुक्तिधाम का निर्माण कराया जाएगा।
  • सड़क और मार्गों का जीर्णोद्धार: जर्जर सड़कों की मरम्मत और पहुंचविहीन मार्गों का निर्माण होगा, साथ ही प्रदूषण रोकथाम के लिए पानी का छिड़काव किया जाएगा।
  • आजीविका और कौशल विकास: स्वयं सहायता समूहों को उपकरण और प्रशिक्षण दिए जाएंगे, बेरोजगार युवाओं को व्यवसाय के लिए सहयोग मिलेगा।
  • स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता: आउटसोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय लोगों की भर्ती को लेकर पूर्व निर्णयों को लागू किया जाएगा।
  • ठेका कर्मचारियों के अधिकार: वेतन, भत्ते, मेडिकल और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
  • दुर्घटना बीमा योजना: ठेका कर्मचारियों के लिए 40 लाख रुपये तक का कॉर्पोरेट दुर्घटना बीमा कराया जाएगा।
  • शिक्षा में प्राथमिकता: एसईसीएल के स्कूलों में भूविस्थापित परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन सभी निर्णयों से प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है। क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी से यह प्रक्रिया और भी प्रभावशाली बनती जा रही है।


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