CM हेल्पलाइन और जनशिकायत में भी शिकायतों के निराकरण पर सवाल, RTI के जवाब से असंतुष्ट शिकायतकर्ता करेंगे प्रथम अपील
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। तत्कालीन अविभाजित कोरिया जिले में दो शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति और उनकी शैक्षणिक डिग्रियों की प्रमाणिकता को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जवाबदेही तक पहुंच गए हैं। कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने की आशंका को लेकर की गई शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। वहीं, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में जनदर्शन पोर्टल का हवाला दिए जाने के बाद शिकायतकर्ता ने अब प्रथम अपील करने और राज्यपाल के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने की तैयारी की है।

मामला तत्कालीन अविभाजित कोरिया जिले के दो शिक्षाकर्मियों प्रेमलाल सोनवानी, पिता जमुना प्रसाद और श्रीमती रेखा, पति रामनारायण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता प्रिंसु पांडेय ने दोनों की नियुक्ति प्रक्रिया और शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभागों से जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की मांग की है।
CM हेल्पलाइन और जनशिकायत में भी की गई थी शिकायत

शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित मामला पहले मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और जनशिकायत पोर्टल पर भी उठाया गया था। आरोप है कि इन शिकायतों का समुचित जांच और आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण किए बिना ही निराकरण कर दिया गया।
शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच की गई थी, तो संबंधित विश्वविद्यालय अथवा बोर्ड से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट और जांच प्रतिवेदन सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए? वहीं, यदि जांच नहीं हुई तो शिकायतों का निराकरण किस आधार पर किया गया?
RTI के तहत 17 बिंदुओं पर मांगी गई थी जानकारी
मामले में प्रिंसु पांडेय ने 15 सितंबर 2026 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन प्रस्तुत कर दोनों शिक्षाकर्मियों से संबंधित 17 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।
आवेदन में नियुक्ति आदेशों की प्रमाणित प्रतियां, नियुक्ति के समय प्रस्तुत शैक्षणिक दस्तावेज, B.Ed./D.Ed. प्रमाणपत्रों का संबंधित विश्वविद्यालय अथवा बोर्ड से सत्यापन, सत्यापन रिपोर्ट, शिकायतों पर की गई जांच, जांच अधिकारियों की नियुक्ति, जांच प्रतिवेदन और संबंधित अधिकारियों के बीच हुए पत्राचार की जानकारी मांगी गई थी।
इसके साथ ही यह भी पूछा गया था कि नियुक्ति के समय शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन किस स्तर पर कराया गया और किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर क्या कार्रवाई की गई?
7 अक्टूबर को कलेक्टर कार्यालय से मिला जवाब
कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की ओर से 7 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में मांगी गई जानकारी के संबंध में जनदर्शन पोर्टल का हवाला दिया गया।
जवाब में 28 जनवरी 2014 के आदेश का उल्लेख करते हुए ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी प्राप्त करने की बात कही गई। इसमें वेबसाइट पर सूचना के प्रकटीकरण को आवेदक और लोक प्राधिकारी दोनों के समय एवं श्रम की बचत से जोड़ा गया।
हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके आवेदन में केवल शिकायत की वर्तमान स्थिति नहीं, बल्कि नियुक्ति आदेश, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन, जांच प्रतिवेदन और अधिकारियों के पत्राचार जैसे महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।
जनदर्शन पोर्टल पर जांच और कार्रवाई का रिकॉर्ड कहां?
कलेक्टर कार्यालय के जवाब के बाद अब जनदर्शन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित पोर्टल पर इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट, कार्रवाई का विवरण और शिकायत के निराकरण को प्रमाणित करने वाले आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब RTI के तहत विशिष्ट शासकीय अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं, तो उन अभिलेखों को उपलब्ध कराने के बजाय केवल पोर्टल का हवाला क्यों दिया गया?
यदि शिकायत पर जांच पूरी हो चुकी है तो उसका प्रतिवेदन और कार्रवाई का विवरण सामने आना चाहिए। वहीं, यदि जांच नहीं हुई है तो शिकायतों के निराकरण का आधार स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
RTI के जवाब से असंतुष्ट, अब प्रथम अपील की तैयारी
प्राप्त जवाब से असंतुष्ट शिकायतकर्ता प्रिंसु पांडेय ने प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत करने की बात कही है। उनका कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट जवाब और उपलब्ध शासकीय अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मिलनी चाहिए।
उनका आरोप है कि जनदर्शन पोर्टल का हवाला देने से उन महत्वपूर्ण सवालों का जवाब नहीं मिला है, जिनके आधार पर दोनों शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति और शैक्षणिक योग्यता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
राज्यपाल से शिकायत कर अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने अब राज्यपाल के समक्ष विस्तृत शिकायत प्रस्तुत करने की तैयारी की है। प्रस्तावित शिकायत में दोनों शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया, शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की प्रमाणिकता और संबंधित विश्वविद्यालयों से दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की जाएगी।
इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल तत्कालीन नियुक्तिकर्ता अधिकारियों, शिकायतों की जांच करने वाले अधिकारियों और शिकायतों का निराकरण करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई जाएगी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की जांच ऐसे सक्षम अधिकारी अथवा स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए, जिसका पूर्व में इस प्रकरण से जुड़े अधिकारियों से कोई प्रत्यक्ष संबंध न हो, ताकि पूरे मामले का निष्पक्ष परीक्षण हो सके।
जांच और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कई सवाल बरकरार
इस पूरे प्रकरण में अब भी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं—
- क्या दोनों शिक्षाकर्मियों के B.Ed./D.Ed. प्रमाणपत्रों का संबंधित विश्वविद्यालय अथवा बोर्ड से सत्यापन कराया गया?
- यदि सत्यापन हुआ तो उसकी रिपोर्ट कहां है?
- नियुक्ति के समय प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच किस अधिकारी ने की?
- नियुक्ति आदेश किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए थे?
- शिकायतों की जांच किस अधिकारी को सौंपी गई थी?
- जांच प्रतिवेदन में क्या निष्कर्ष सामने आए?
- CM हेल्पलाइन और जनशिकायत में शिकायतों का निराकरण किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया?
- RTI के तहत मांगे गए अभिलेख उपलब्ध कराने के बजाय जनदर्शन पोर्टल का हवाला क्यों दिया गया?
फिलहाल इस मामले में दोनों शिक्षाकर्मियों की शैक्षणिक डिग्रियों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में संबंधित विश्वविद्यालयों से प्रमाणपत्रों का सत्यापन, नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की जांच और शिकायतों के निराकरण से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकता है। अब निगाहें शिकायतकर्ता की प्रस्तावित प्रथम अपील और राज्यपाल के समक्ष की जाने वाली शिकायत पर टिकी हैं।

Founder & Chief Editor, Khabar36garh
Mobile no. +917723899232
.
.
📍 BILASPUR: छत्तीसगढ़👩💻 पेशेवर सफ़र:
Khabar36garh के स्थापना से ही पहले दिन से जुड़ी
15+ वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, ग्रामीण और शहरी खबरों का गहन कवरेज
महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और संस्कृति जैसे विषयों में विशेष लेखन
🖋️ नेतृत्व दृष्टिकोण:
बेबाक, निष्पक्ष और प्रभावशाली पत्रकारिता
टीम बिल्डिंग और मेटाडाटा रिपोर्टिंग
पाठकों और समाज के बीच पुल बनाने में अग्रणी
📢 विज्ञापन दें — Khabar36garh के साथ!
✅ अपने ब्रांड, सेवा या उत्पाद को छत्तीसगढ़ के हर कोने तक पहुँचाएं।
✅ विश्वसनीयता, व्यापक कवरेज और सटीक टार्गेटिंग के साथ प्रचार करें।—🔗 संपर्क करें अभी:📧 ईमेल: info@khabar36garh.co.in
📱 मोबाइल / WhatsApp (विज्ञापन हेतु):
🎯 📞 +91-77238-99232 (Direct Ad Enquiry) 🔥
🕒 24×7 उपलब्धता | Fast Response
📱 फेसबुक / ट्विटर: @MaltiKurrey—📌 “बात सिर्फ ख़बर की नहीं, आपके ब्रांड की भी है!”
🎯 Khabar36garh — भरोसेमंद मीडिया, प्रभावी प्रचार।

