जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने जारी किए दिशा-निर्देश, नियमित निरीक्षण में जांची जाएंगी सुरक्षा व्यवस्थाएं

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जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने जारी किए दिशा-निर्देश, नियमित निरीक्षण में जांची जाएंगी सुरक्षा व्यवस्थाएं

बिलासपुर, 29 अक्टूबर 2026। दीपावली पर्व के दौरान पटाखा दुकानों में आगजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला अग्निशमन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कमांडेंट होम गार्ड्स एवं जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने जिले के सभी पटाखा दुकान संचालकों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी करते हुए उनका अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों और निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला अग्निशमन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, दुकानों की संरचना, विद्युत व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। दुकान संचालकों को सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

रिहायशी इलाकों में दुकान खोलने पर रोक, दुकानों के बीच तीन मीटर की दूरी अनिवार्य

जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पटाखा दुकानें रिहायशी क्षेत्रों अथवा बाजार के पास नहीं खोली जा सकेंगी। दुकानों का निर्माण कपड़े, बांस, रस्सी और टेंट जैसी ज्वलनशील सामग्री से करने के बजाय अज्वलनशील टिन शेड से किया जाना चाहिए। साथ ही संरचना को अग्निमंदक घोल से उपचारित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा। दुकानें एक-दूसरे के आमने-सामने भी नहीं बनाई जाएंगी। इसके अलावा किसी भी पटाखा दुकान के 50 मीटर के दायरे में आतिशबाजी का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा।

हर दुकान में अग्निशामक यंत्र और 200 लीटर पानी रखना जरूरी

आगजनी की स्थिति में तत्काल बचाव के लिए प्रत्येक पटाखा दुकान में पांच किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ दुकान के अंदर और बाहर अलग-अलग 100-100 लीटर पानी उपलब्ध रखना होगा।

अग्निशमन वाहनों की आवाजाही और आपातकालीन राहत कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा रास्ता खुला रखना होगा। दुकानों के सामने बाइक और कार की पार्किंग पर भी प्रतिबंध रहेगा, ताकि आग लगने की स्थिति में दमकल वाहन और बचाव दल बिना किसी बाधा के मौके तक पहुंच सकें।

बिजली व्यवस्था में लापरवाही पड़ सकती है भारी

पटाखा दुकानों में आग लगने की आशंका को देखते हुए विद्युत सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। दुकानों में रोशनी के लिए तेल अथवा गैस के लैम्प और खुली बिजली बत्ती का उपयोग नहीं किया जाएगा। विद्युत तारों के जोड़ खुले नहीं होने चाहिए तथा प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूज अथवा सर्किट ब्रेकर लगाना अनिवार्य होगा, जिससे शॉर्ट सर्किट होने पर विद्युत प्रवाह स्वतः बंद हो सके।

इसके अतिरिक्त दुकानों को ट्रांसफार्मर के पास स्थापित नहीं किया जाएगा और उनके ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन नहीं गुजरनी चाहिए। अस्थायी संरचनाओं एवं पंडालों के निर्माण में निर्धारित भारतीय मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य

जिला अग्निशमन अधिकारी दीपांकुर नाथ ने सभी पटाखा दुकान संचालकों को दुकान परिसर में अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी अग्नि दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में अग्निशमन कार्यालय के फोन नंबर 07752-250961 और टोल-फ्री नंबर 112 पर सूचना दी जा सकती है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित दुकान संचालक की होगी। दीपावली के दौरान किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए सभी संचालकों को सुरक्षा उपकरण तैयार रखने, कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के पर्व को सुरक्षित बनाना और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना है। ऐसे में पटाखा दुकान संचालकों की लापरवाही न केवल जनसुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है, बल्कि उनके लाइसेंस पर भी कार्रवाई का कारण बन सकती है।

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