SECL दीपका के भू-विस्थापितों की महापंचायत कल, लंबित मांगों पर होगा मंथन; बड़े आंदोलन की बनेगी रणनीति

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कोरबा/दीपका। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को विशाल भू-विस्थापित महासम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के तत्वावधान में सुबह 11 बजे ग्राम पंचायत अंडीकछार स्थित टिनठिया स्थान पर होने वाले इस महासम्मेलन में प्रभावित गांवों के ग्रामीण, युवा और महिलाएं शामिल होंगे। सम्मेलन में लंबित मुआवजा, पुनर्वास सुविधाओं, रोजगार और स्थानीय ठेकेदारों के अधिकारों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही, एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति भी तय की जाएगी।

मुआवजा और रोजगार सहित कई मांगें होंगी प्रमुख

महासम्मेलन में एसईसीएल दीपका क्षेत्र से अर्जित एवं पुनर्वासित ग्राम सुवाभोड़ी, सिरकी खुर्द, चैनपुर, झाबर और बेलटिकरी के प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन का कहना है कि इन गांवों के ग्रामीण लंबे समय से अपने अधिकारों और विभिन्न लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

सुवाभोड़ी के प्रभावितों की मांगों पर होगी चर्चा

ग्राम सुवाभोड़ी के ग्रामीणों से जुड़ी प्रमुख मांगों में लंबित मुआवजा एवं परिसंपत्तियों की राशि का भुगतान, 5 लाख रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और बसाहट पात्रता से संबंधित दस्तावेजों में नाम एवं जाति की त्रुटियों का सुधार शामिल है। इसके अलावा स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग भी सम्मेलन में उठाई जाएगी।

पुनर्वासित गांवों में मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा

सिरकी खुर्द, चैनपुर, झाबर और बेलटिकरी सहित पुनर्वासित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास की मांग भी महासम्मेलन का प्रमुख एजेंडा रहेगी। ग्रामीणों की मांगों में भूमि पट्टों का आवंटन, गार्डन, सामुदायिक भवन, नाली, पक्की सड़क, पुल-पुलिया, तालाब, मुक्तिधाम और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का विकास शामिल है।

इसके साथ ही लंबित मुआवजे के भुगतान, पुनर्वास नीति के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने और पुनर्वासित बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।

भू-विस्थापितों के लिए 20 लाख रुपये की टेंडर सीमा की मांग

महासम्मेलन में भू-विस्थापितों के स्वरोजगार और ठेकेदारी से जुड़े अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन की मांग है कि वैकल्पिक स्वरोजगार के लिए निर्धारित 5 लाख रुपये की टेंडर सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाए। इसके अलावा भू-विस्थापित स्थानीय ठेकेदारों के साथ कथित भेदभाव समाप्त करने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने को लेकर ठोस निर्णय लेने की मांग की जाएगी।

संगठन अध्यक्ष ने ग्रामीणों से की एकजुट होने की अपील

ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने दीपका क्षेत्र के सभी अर्जित एवं पुनर्वासित गांवों के निवासियों, बुजुर्गों, महिलाओं और विशेष रूप से युवाओं से महासम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि अपने हक और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए प्रभावित ग्रामीणों का एकजुट होना आवश्यक है। महासम्मेलन के मंच से एसईसीएल प्रशासन एवं प्रबंधन के खिलाफ आगामी आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति निर्धारित की जाएगी।

महासम्मेलन पर टिकी निगाहें, आगे की रणनीति होगी अहम

दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापितों की लंबित समस्याओं और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित यह महासम्मेलन आगे की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें 22 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां प्रभावित ग्रामीणों की मांगों पर चर्चा के बाद आंदोलन को लेकर अगला कदम तय किया जाएगा।

स्थान: टिनठिया, ग्राम पंचायत अंडीकछार, दीपका क्षेत्र, जिला कोरबा
दिनांक: गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026
समय: सुबह 11 बजे से
आयोजक: ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति

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