मुंगेली जिले में अब 113 केंद्रों पर होगी धान खरीदी, तैयारियों में जुटा प्रशासन

img 20261014 wa0177

8 नए धान उपार्जन केंद्र खुलेंगे, 25 अक्टूबर तक एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसानों का पंजीयन पूरा करने के निर्देश

मुंगेली। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीदी की तैयारियों को लेकर मुंगेली जिला प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। किसानों को धान विक्रय में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में इस वर्ष 8 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिले में धान खरीदी केंद्रों की संख्या 105 से बढ़कर 113 हो जाएगी। धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा के लिए अपर कलेक्टर जी.एल. यादव ने धान खरीदी प्रभारियों एवं ऑपरेटरों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिला कलेक्टोरेट स्थित जनदर्शन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्थाओं, किसानों के पंजीयन, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता और धान के सुरक्षित भंडारण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

25 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन पूरा करने के निर्देश

बैठक में एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन से शेष रह गए किसानों का पंजीयन 25 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। अपर कलेक्टर ने धान खरीदी प्रभारियों को अपने-अपने केंद्रों से संबंधित किसानों की पंजीयन स्थिति की समीक्षा करने तथा पात्र किसानों का पंजीयन समय-सीमा में पूरा कराने को कहा।

इसके साथ ही ऋण लेने वाले किसानों के ऋण संबंधी विवरण की पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य धान खरीदी शुरू होने से पहले पंजीयन संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर खरीदी व्यवस्था को सुचारू बनाना है।

सभी केंद्रों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर

धान खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिले के सभी उपार्जन केंद्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट, नमी मापक यंत्र, बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा धान खरीदी केंद्रों में फड़ की साफ-सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को निर्धारित तिथि पर सभी केंद्रों में ट्रायल धान खरीदी कराने के साथ नमी मापक यंत्रों का कैलिब्रेशन तथा कांटा-बांट का सत्यापन शीघ्र पूरा करने को कहा गया। पूर्व में जारी चेकलिस्ट के अनुसार सभी तैयारियों की जांच कर कमियों को दूर करने के निर्देश भी दिए गए।

पीसीएसएपी पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के निर्देश

बैठक में पीसीएसएपी (PCSAP) पोर्टल पर धान खरीदी से संबंधित निर्धारित 16 बिंदुओं की तैयारियां पूर्ण करने और अंतिम डाटा की सही प्रविष्टि करने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित जानकारी के साथ स्पष्ट फोटो और आवश्यक प्रमाण-पत्र अपलोड करने को कहा गया।

अधिकारियों को पोर्टल पर निर्धारित मानकों के अनुरूप जानकारी दर्ज करने तथा केंद्रों की ग्रेडिंग में सुधार के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि पिछले वर्ष की तरह कम ग्रेड प्राप्त होने की स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।

इसके अलावा धान खरीदी कार्य में लगाए जाने वाले कर्मचारियों और हमालों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, उनकी सूची तैयार करने तथा बीमा संबंधी प्रक्रिया के लिए नियोजित व्यक्तियों की सूची निर्धारित समय-सीमा में विपणन संघ को भेजने के निर्देश दिए गए। संबंधित पोर्टल पर आवश्यक प्रविष्टियां भी समय पर पूरी करने को कहा गया।

धान के सुरक्षित भंडारण के लिए तैयारियां पूरी करने के निर्देश

धान की सुरक्षा और भंडारण व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों में तारपोलिन, ड्रेनेज और अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता धान खरीदी शुरू होने से पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक सामग्रियों की खरीदी भंडार क्रय नियमों के अनुसार करने तथा बारदानों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में प्राप्त, उपयोग किए गए और शेष बारदानों का व्यवस्थित रिकॉर्ड संधारित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि धान खरीदी से संबंधित सभी तैयारियां समय-सीमा में पूरी करें, जिससे खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में जिला खाद्य अधिकारी पंकज सेतपाल, जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी संतोष सिंह ठाकुर, जिला विपणन अधिकारी निशा फूंके सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, धान खरीदी केंद्रों के प्रभारी और ऑपरेटर उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु:

  • मुंगेली जिले में धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 105 से बढ़कर 113 होगी।
  • इस वर्ष 8 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किए जाएंगे।
  • एग्रीस्टैक पोर्टल पर शेष किसानों का पंजीयन 25 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश।
  • सभी केंद्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट, इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट और नमी मापक यंत्र की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
  • धान के सुरक्षित भंडारण, बारदानों की गुणवत्ता और कर्मचारियों की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया।
Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *