बिलासपुर में कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, वाटर कैनन से रोका प्रदर्शनकारियों का रास्ता; विजय केशरवानी घायल

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बेलतरा विधायक और जिला प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, जमीन सीमांकन, अवैध मुरुम खनन, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगाए आरोप

बिलासपुर, 13 अक्टूबर 2026। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने बिलासपुर में जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बेलतरा सहित बिलासपुर, बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी और कोटा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बेलतरा विधायक और जिला प्रशासन पर कथित पक्षपात, जमीन सीमांकन में नियमों की अनदेखी, अवैध मुरुम खनन, खराब सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। भीड़ बढ़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।

कांग्रेस भवन से नेहरू चौक तक निकाला प्रदर्शन

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता पहले रिवर व्यू और कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे कांग्रेस भवन से नारेबाजी करते हुए नेहरू चौक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बेलतरा विधायक और भाजपा के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां थीं।

नेहरू चौक पर कलेक्ट्रेट घेराव से पहले आयोजित सभा में कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और बेलतरा विधायक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है और प्रशासनिक कार्रवाई में राजनीतिक दबाव की भूमिका दिखाई दे रही है।

बरसात में जमीन सीमांकन को लेकर उठाए सवाल

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में जमीन सीमांकन की कार्रवाई को लेकर नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि 15 जून से अक्टूबर तक बरसात के दौरान सीमांकन नहीं किए जाने की बात कही जाती है, लेकिन सेलर गांव के सरपंच और ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय सिंह की जमीन का सीमांकन किया गया।

केशरवानी ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का विरोध किए जाने पर तहसीलदार ने विधायक के दबाव का हवाला दिया। उन्होंने मांग की कि संबंधित तहसीलदार और उनकी टीम की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि बरसात के दौरान किन नियमों के तहत सीमांकन की कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर नियमों के अनुरूप काम करना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

खराब सड़कों और कथित अवैध मुरुम खनन का मुद्दा उठाया

विजय केशरवानी ने क्षेत्र की सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक साल पहले बनी सड़कें भी गिट्टी और धूल में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

उन्होंने 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में कथित अवैध मुरुम खनन और रॉयल्टी चोरी का आरोप लगाते हुए पूछा कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जांच क्यों नहीं हो रही है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, खनन गतिविधियों और राजस्व से जुड़े मामलों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और गरीबों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर चिंता

सभा में विजय केशरवानी ने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर दिए जाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता के टैक्स से निर्मित अस्पताल की व्यवस्था ऐसी हो गई है कि गरीब परिवारों के लिए इलाज कराना मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को आम नागरिकों की पहुंच में रखने की मांग करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो सके।

इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मिलने की प्रतीक्षा कर रहे गरीब परिवारों और बिजली बिल में कथित बढ़ोतरी से परेशान ग्रामीण उपभोक्ताओं का मुद्दा भी उठाया।

जनप्रतिनिधियों के कार्यों में बाधा डालने का आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पंचायत और नगर निगम के निर्वाचित प्रतिनिधियों के कामकाज में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बेलतरा क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं और उगाही की शिकायतों की जांच की मांग भी की।

केशरवानी ने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

कांग्रेस भवन में भाजपा महिला मोर्चा के पहुंचने पर भी विवाद

विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले कांग्रेस भवन में भाजपा महिला मोर्चा की कुछ पदाधिकारी पहुंचीं और नारेबाजी की, जबकि पुलिस मौके पर मौजूद रहकर मूकदर्शक बनी रही।

उन्होंने कहा कि किसी के निजी या संगठनात्मक परिसर में बिना अनुमति प्रवेश किए जाने के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस घटना में कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

कलेक्ट्रेट के बाहर बैरिकेडिंग, वाटर कैनन का इस्तेमाल

सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट घेराव के लिए आगे बढ़े। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर के चारों ओर टिन की घेराबंदी और बैरिकेडिंग की गई थी। मौके पर महिला पुलिसकर्मियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

प्रदर्शन के दौरान भीड़ आगे बढ़ने लगी तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते रहे।

कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी में दावा किया गया कि वाटर कैनन की चपेट में आने से विजय केशरवानी को चोट लगी, जिसके बाद उनके लिए व्हीलचेयर मंगानी पड़ी। इसके बावजूद वे व्हीलचेयर पर बैठकर प्रदर्शन में डटे रहे। वहीं, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी साहू के कपड़े फटने की बात भी प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया भी प्रभावित होने का दावा किया गया। कांग्रेस का कहना है कि ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी भी वाटर कैनन की बौछार की चपेट में आ गए, जिससे ज्ञापन लेने में परेशानी हुई।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेताओं ने जमीन सीमांकन, कथित अवैध खनन, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

प्रेस विज्ञप्ति में प्रदर्शन में लगभग तीन हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे क्षेत्र की समस्याओं के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत बताया।

कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कलेक्ट्रेट घेराव में विजय केशरवानी, विजय पांडेय, सियाराम कौशिक, राजेन्द्र शुक्ला, रामशरण यादव, प्रमोद नायक, राजेन्द्र धीवर, राकेश शर्मा, ऋषि पांडेय, समीर अहमद, त्रिलोक श्रीवास, अंकित गौरहा, जितेंद्र पांडेय, जावेद मेमन, जीतू यादव, विनोद साहू, धनंजय सिंह, लक्ष्मी साहू, गीतांजलि कौशिक, अभ्युदय तिवारी, राजेश शुक्ला, सीमा शुक्ला, संतोष गर्ग, तजम्मुल हक, साकेश मिश्रा, हितेंद्र देवांगन, शैलेन्द्र निर्मलकर, बंटी बैसवाड़े, संतोष बघेल, सुनील साहू, राजू सिदार, आशीष साहू, शिल्पी तिवारी, प्रीति पाटनवार, पिंकी बत्रा, झग्गर राम सूर्यवंशी, अशोक सूर्यवंशी, अजय यादव, अभिषेक मेढेकर, राम कुमार भोई, शीतल दास, साखन दरवे, सुनील सोनकर, मोहन श्रीवास, अब्दुल इब्राहिम, रवि साहू और पुष्पेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

निष्कर्ष: बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने प्रशासनिक कार्रवाई, कथित अनियमितताओं और जनसमस्याओं को लेकर सवाल उठाए। अब इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।

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