सरपंच की कथित निष्क्रियता से नाराज ग्रामीणों ने खुद संभाली सड़क मरम्मत की कमान

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उप-सरपंच और पंचों की मौजूदगी में श्रमदान कर कीचड़ भरी सड़क की कराई मरम्मत

झाबर/कोरबा। ग्राम पंचायत झाबर में सड़क और साफ-सफाई की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अब खुद मोर्चा संभाल लिया है। अटल चौक के पास लंबे समय से जर्जर और कीचड़ भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान किया और सड़क की मरम्मत के साथ ही स्वच्छता अभियान भी चलाया।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति और गांव की अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर सरपंच को कई बार मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क को चलने लायक बनाने का निर्णय लिया।

राहगीरों और स्कूली बच्चों को हो रही थी परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक, अटल चौक की सड़क पर कीचड़ और जर्जर स्थिति के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।

उप-सरपंच और पंचों ने भी किया श्रमदान

ग्रामीणों द्वारा चलाए गए इस अभियान में उप-सरपंच और वार्ड पंचों ने भी सहभागिता निभाई। उप-सरपंच प्रिया निलेश साहू के साथ पंच गोपाल कौशिक, ललिता बाई, विजय कंवर और अमर सिंह कंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत और स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया।

इस दौरान जन्मेजय सिंह कंवर, मोहपाल कंवर, हरि कंवर, देवेंद्र महराज, प्रदीप महंत, हेमन नेटी, नोनी बाई कंवर, कौशल्या मरपच्ची, अहिल्या ऊईके, बिमला कोर्राम, दुलारो बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

विकास कार्यों में खुद भागीदारी का लिया संकल्प

सड़क की मरम्मत और साफ-सफाई के बाद ग्रामीणों ने कहा कि गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर वे आगे भी एकजुट रहेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पंचायत स्तर पर समस्याओं का समाधान समय पर नहीं होता है, तो वे सामूहिक रूप से श्रमदान कर गांव की समस्याओं के निराकरण में अपनी भूमिका निभाएंगे।

ग्रामीणों का यह कदम जहां पंचायत व्यवस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े करता है, वहीं सामूहिक श्रमदान के जरिए गांव के विकास में स्वयं भागीदारी का संदेश भी देता है।

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