SECL गेवरा-दीपका में किसानों और मजदूरों पर दमन के आरोप, CGM संजय कुमार मिश्रा पर गंभीर सवाल

कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा और दीपका खदान क्षेत्रों में भू-विस्थापित किसानों और आउटसोर्सिंग कंपनियों के मजदूरों के साथ कथित दमनात्मक कार्रवाई किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। जारी प्रेस बयान में वर्तमान गेवरा CGM एवं पूर्व दीपका CGM संजय कुमार मिश्रा की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि हक, मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग करने वाले लोगों को कानूनी नोटिस और पुलिस कार्रवाई के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है।

बयान के अनुसार, दीपका में अपनाई गई कथित कार्रवाई की शैली अब गेवरा क्षेत्र में भी लागू की जा रही है। आरोप है कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले किसानों और मजदूरों को झूठे मुकदमों और कानूनी प्रक्रियाओं में उलझाकर मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि मलगांव और अमगांव में भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुई हैं। साथ ही मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि तथ्यों का खुलासा हो सके।

विज्ञप्ति में आशंका जताई गई है कि नराईबोध, भिलाईबाजार और रलिया गांवों में भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान मलगांव जैसी स्थिति दोहराई जा सकती है। प्रभावित ग्रामीणों ने बिना उचित पुनर्वास, रोजगार और शत-प्रतिशत मुआवजे के किसी भी अधिग्रहण का विरोध करने की बात कही है।

स्थानीय किसान एवं श्रमिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो SECL प्रबंधन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

नोट: यह समाचार संबंधित पक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों पर SECL प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।


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