सीएम हेल्पलाइन बनी सुशासन का प्रभावी माध्यम, शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर

मुंगेली, 21 मई 2026। जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली विषय पर एक दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अशोक चौबे और पवन तिवारी ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के संचालन, शिकायत पंजीयन प्रक्रिया, पोर्टल उपयोग, समय-सीमा प्रबंधन तथा शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।
कार्यशाला में बताया गया कि शासन द्वारा शिकायत निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 तक चार स्तरों पर अधिकारियों का नामांकन किया गया है। इनमें विकासखंड और जिला स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य मैदानी स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
प्रशिक्षकों ने जानकारी दी कि आम नागरिक वेबसाइट, व्हाट्सएप, मोबाइल एप, भौतिक पत्र अथवा सीएम हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। कॉल सेंटर 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगा। शिकायत दर्ज कराने के लिए मोबाइल नंबर अनिवार्य होगा।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शासन की एक क्रांतिकारी पहल है। इसे केवल शिकायत निवारण का माध्यम न मानकर जनसेवा और प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को अधिकारियों एवं मैदानी अमले को बेहतर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि शिकायतों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में सुशासन का अर्थ नागरिकों को योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराना है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में एसएसपी भोजराम पटेल, डीएफओ अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, एसडीएम अजय शतरंज, एसडीएम रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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