कापू में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती हर्षोल्लास से संपन्न, “जय भीम” के नारों से गूंजा क्षेत्र

कापू में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती हर्षोल्लास से संपन्न, “जय भीम” के नारों से गूंजा क्षेत्र

संविधान, समानता और महिला अधिकारों का दिया गया संदेश, सांसद ने सामुदायिक भवन हेतु 10 लाख की घोषणा
रायगढ़ (कापू), 14 अप्रैल 2026 | विशेष रिपोर्ट
ग्राम कापू, जिला रायगढ़ में भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की जयंती बड़े ही उत्साह, गरिमा और सामाजिक एकता के साथ मनाई गई। अंबेडकर चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए और पूरा क्षेत्र “जय भीम” के नारों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का आयोजन आई.एस.एस.ओ सतनामी समाज, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज और अंबेडकर युवा सतनामी सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायगढ़ के सांसद राधेश्याम राठिया रहे। अध्यक्षता समाज प्रमुख एवं पत्रकार जगदीश प्रसाद कुर्रे ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में सत्यदेव गुप्ता और विजय शर्मा (जिला उपाध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस रायगढ़) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। अंबेडकर चौक से कापू थाना तक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें आकर्षक झांकियों के माध्यम से बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गुरुनाथ जांगड़े ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में बाबा साहब के मूल मंत्र—“शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो”—को दोहराते हुए संविधान में निहित समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा और संवैधानिक जागरूकता को समाज के विकास का आधार बताया।
इस अवसर पर जीवनदायिनी साथी फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष अनुसुइया शांडिल्य ने महिलाओं को संबोधित करते हुए संविधान में प्रदत्त महिला अधिकारों—समानता, सुरक्षा, शिक्षा और अवसर—पर विशेष जोर दिया और उन्हें जागरूक एवं सशक्त बनने का संदेश दिया।
सभा के दौरान सोहनलाल टंडन के प्रस्ताव पर सांसद राधेश्याम राठिया ने कापू में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की, जिसका उपस्थित जनसमूह ने जोरदार स्वागत किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के अनेक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम का समापन अतिथियों के सम्मान, आभार प्रदर्शन एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि बाबा साहब के विचारों, सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और भारतीय संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रेरक माध्यम बना।

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