72 हज़ार मितानिनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी में धरना प्रदर्शन

रायपुर।
प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ प्रशिक्षक कल्याण संघ ने मोदी जी की गारंटी के तहत चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर 7 अगस्त 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन में 72,000 मितानिन, 3,250 मितानिन प्रशिक्षक, 280 हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और 292 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हैं।

संघ की तीन सूत्रीय मांगे

1. चुनावी घोषणा पत्र 2023 में किया गया वादा लागू कर मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में संविलियन किया जाए।

2. चुनावी घोषणा पत्र 2023 के अनुसार उनके वेतन में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाए।

3. मितानिन कार्यक्रम को NGO के माध्यम से न चलाया जाए और ठेका प्रथा समाप्त की जाए।

मंत्री के बयान पर संघ की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य मंत्री के हालिया बयान— “मैं किसी को काम से नहीं निकालूंगा, ठेका प्रथा बंद नहीं कर सकते”— पर संघ ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी भी किसी को काम से निकालने की बात नहीं कही। संघ का कहना है कि उनकी मांग केवल NHM द्वारा स्वीकृत पदों पर संविलियन और वेतन वृद्धि की है।

NGO पर गंभीर आरोप

संघ ने आरोप लगाया है कि NGO द्वारा स्वीकृत पदों से अधिक मानव संसाधन की अनियमित नियुक्ति की गई है, जिसमें खास लोगों को भर्ती कर वित्तीय अनियमितताएँ की जा रही हैं। इसकी शिकायत संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और MD-NHM से की है। इस पर MD-NHM ने भी NGO को नोटिस जारी किया है।

मितानिन संघ का कहना है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी मितानिन (आशा) कार्यक्रम सीधे NHM के माध्यम से संचालित हो, ताकि पारदर्शिता और स्थायित्व सुनिश्चित किया जा सके।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *