यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर आम आदमी पार्टी का हल्ला बोल

रामपुर, कटघोरा, कोरबा और पाली में हुआ जोरदार धरना प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन

कोरबा//छत्तीसगढ़ :
राज्य में यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने आज रामपुर, कटघोरा, कोरबा और पाली विधानसभा क्षेत्रों में मोर्चा खोल दिया। बस स्टैंड पर आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।

आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष (शहरी) जगलाल राठिया, ग्रामीण अध्यक्ष संतोष यादव, कटघोरा ब्लॉक अध्यक्ष धर्मदास गुप्ता “गांधी” और उपाध्यक्ष गोरेलाल पटेल ने कहा कि खरीफ सीजन का आधा समय गुजर जाने के बावजूद यूरिया की कमी अब किसानों के लिए गंभीर संकट बन गई है। सरकार समय पर डीएपी भी उपलब्ध नहीं करा पाई, जिससे बोआई और फसल उत्पादन प्रभावित हुआ है।

1200 में खरीदना पड़ रहा यूरिया, DAP भी महंगी

नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण किसान मजबूरी में कालाबाजारी का शिकार हो रहे हैं।

266 रुपए की सरकारी दर पर मिलने वाली यूरिया किसानों को 1200 रुपए में खरीदनी पड़ रही है।

पहले 1350 रुपए प्रति बैग मिलने वाली डीएपी अब निजी विक्रेताओं से 2200 रुपए में लेनी पड़ रही है।

कोरबा लोकसभा अध्यक्ष प्रतिमा सिन्हा ने कहा कि बारिश के समय यूरिया की अनुपलब्धता से धान उत्पादन और किसानों की लागत दोनों पर भारी असर पड़ रहा है। आधे से भी कम यूरिया किसानों तक पहुंचा है, जिससे उनकी मेहनत पर संकट मंडरा रहा है।

“कृत्रिम कमी दिखाकर कराया जा रहा कालाबाजारी”

प्रदेश संगठन मंत्री आनंद सिंह ने कलेक्टर जनदर्शन में ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि यूरिया और डीएपी की कृत्रिम कमी दिखाई जा रही है। किसानों को मजबूरन निजी विक्रेताओं से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है और इस प्रक्रिया से निजी व्यापारियों को लाभ पहुंचाकर कमीशनखोरी की जा रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द किसानों की परेशानियां दूर नहीं कीं, तो आम आदमी पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

धरना-प्रदर्शन में कोरबा लोकसभा सचिव शत्रुघ्न साहू, जिला कोषाध्यक्ष सोमराज वामन वरोकर, संतोष कुमार गबेल, गुरुवार सिंह, सत्यनारायण राठिया, सुरेंद्र कुमार राठिया, ललित महिलांगे, मलेश कुमार मरार, भागवत मरावी, लछूराम प्रजापति, संत पटेल, सुधराम पटेल, गोवर्धन पटेल, प्रमोद मौर्या समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

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