“ग्राम महमंद में ‘आओ संवारे कल अपना’ खेल महोत्सव का भव्य समापन – बच्चों में उमंग, ग्रामीणों में नई चेतना”

“ग्राम महमंद में ‘आओ संवारे कल अपना’ खेल महोत्सव का भव्य समापन – बच्चों में उमंग, ग्रामीणों में नई चेतना”


महमंद, बिलासपुर | इमेज स्क्रिप्ट न्यूज़
जिला पुलिस बिलासपुर द्वारा “चेतना अभियान – आओ संवारे कल अपना” के अंतर्गत ग्राम महमंद में आयोजित एक माह के समर कैंप एवं खेल महोत्सव का भव्य समापन शनिवार को हुआ। इस प्रेरणादायक आयोजन में 500 से अधिक ग्रामीणों एवं बच्चों ने भाग लिया और अपनी सहभागिता से आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

समारोह के मुख्य अतिथि रहे कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेन्द्र जयसवाल, सीएसपी श्री अक्षय प्रमोद साबद्रा, श्रीमती अर्चना झा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अरुणा चंद्रप्रकाश सूर्या, सरपंच श्रीमती पूजा निर्मलकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

खेलों में दिखा जोश, संस्कृति में रचा रंग:
समर कैंप के दौरान कबड्डी, फुटबॉल, खो-खो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और दौड़ जैसी खेल प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 13 युवा प्रशिक्षकों की मदद से इन खेलों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन समारोह में 118 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही सभी प्रतिभागियों को उपहार भेंट किए गए।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम बना मुख्य आकर्षण:
समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत, समूह नृत्य, और मोबाइल की लत पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन उप निरीक्षक श्री उमाशंकर पांडे ने किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की दूरदर्शिता से बदल रहा ग्रामीण परिदृश्य:
इस संपूर्ण अभियान की संकल्पना और संचालन की प्रेरणा एसएसपी श्री रजनेश सिंह के नेतृत्व में हुई, जिनका मानना है कि “बच्चों को यदि सही मंच, मार्गदर्शन और साधन मिलें, तो वे समाज के लिए गौरव बन सकते हैं।” उनका यह सामाजिक सरोकार ग्रामीणों में जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा:
“यह केवल खेल महोत्सव नहीं, बल्कि आज की सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियों – नशा और मोबाइल की लत – के विरुद्ध एक सशक्त अभियान है। ‘आओ संवारे कल अपना’ बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ ग्रामीण समाज में चेतना लाने का सराहनीय प्रयास है।”

जीवधारणी फाउंडेशन को भी मिला सम्मान:
आयोजन की सफलता में विशेष भूमिका निभाने वाली संस्था जीवधारणी फाउंडेशन के श्री विकास वर्मा और उनकी टीम को भी मंच से सम्मानित किया गया।

निष्कर्ष:
यह आयोजन न केवल मनोरंजन और खेलों तक सीमित रहा, बल्कि यह एक सामाजिक जागरण का माध्यम बनकर उभरा। बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिस उत्साह से भाग लिया, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सही दिशा और प्रयास से समाज में बड़ा बदलाव संभव है।


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