कोटा पुलिस की ‘चेतना’ पहल बनी सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल

कोटा पुलिस की ‘चेतना’ पहल बनी सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल



नेवरा और आमने गांव में बनी चेतना मित्र समितियां, महिलाओं की भागीदारी से सुरक्षा को नया बल

बिलासपुर। सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देते हुए कोटा पुलिस ने ‘चेतना’ पहल का सफल विस्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह की दूरदर्शी सोच के अंतर्गत यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाते हुए कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

इस पहल के अंतर्गत ‘चेतना मित्र समिति’ की स्थापना अब आमने और नेवरा गांव में की गई है। इससे पूर्व यह समिति भरारी गांव में स्थापित की गई थी, जहाँ इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अवैध शराब जैसे सामाजिक अपराधों पर सख्त कार्रवाई हुई है और महिलाओं-बच्चों से जुड़े अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

कोटा थाना प्रभारी आईपीएस (प्रशिक्षु) सुमित कुमार के नेतृत्व और उनकी टीम— उनि राज, उनि मीना ठाकुर व आर0 भोप साहू — के सहयोग से यह पहल प्रभावी ढंग से लागू की गई है।

चेतना मित्र समिति निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्य कर रही है:

  • साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता
  • महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की रोकथाम
  • सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता
  • नशा मुक्ति और अवैध गतिविधियों पर निगरानी

यह प्रयास न केवल जन-सुरक्षा को बल प्रदान करता है, बल्कि आम नागरिकों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना और पुलिस पर विश्वास को भी बढ़ाता है। बिलासपुर जिले में यह पहल पुलिस और जनता के बीच बढ़ते तालमेल का प्रमाण है।

‘चेतना’ यह साबित करती है कि यदि प्रशासनिक नेतृत्व और समुदाय साथ मिलकर काम करें तो समाज को न केवल सुरक्षित, बल्कि जागरूक और सशक्त भी बनाया जा सकता है।


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