कछुओं की मौत पर बवाल, न्याय मंच पर नीरज जायसवाल ने उठाए सवाल

कछुओं की मौत पर बवाल, न्याय मंच पर नीरज जायसवाल ने उठाए सवाल<br>

रतनपुर
महामाया मंदिर के कुंड में 29 कछुओं की मौत के मामले ने पूरे नगर को स्तब्ध और दुखी कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल ने इस प्रकरण की जांच की मांग की है और रतनपुर न्याय मंच के गठन पर सवाल उठाए हैं।




जांच की मांग और मंच पर सवाल

नीरज जायसवाल ने पूछा है कि रतनपुर न्याय मंच का गठन कब और किसके द्वारा किया गया है, और क्या इसके लिए कोई बैठक आहूत की गई थी। उन्होंने जांच की मांग की है, जिसमें न केवल महामाया कुंड में हुए 29 कछुओं की मौत की जांच होनी चाहिए, बल्कि कल्पेश्वर तालाब में हुए चार कछुए की मौत की भी जांच होनी चाहिए।




कल्पेश्वर तालाब में भी कछुओं की मौत

रतनपुर महामाया कुंड में 29 कछुओं की मौत के अलावा, कल्पेश्वरा तालाब में चार कछुआ की मौत भी हाल में हुई है। यहां पर तो ना किसी ठेकेदार के द्वारा मछली मारने के लिए कोई जाल डाला गया था नहीं डलवाया गया था, फिर भी चार कछुओं की मौत हुई है, जिससे यह साबित होता है कि रतनपुर के कई तालाबों में बड़े पैमाने पर कछुआ पाया जाता है और इसको किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा लगातार शिकार किया जा रहा है या तो मारा जा रहा है।


न्यायपालिका पर भरोसा और शांति की अपील

नीरज जायसवाल ने आम जनता से शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए न्यायालय के द्वारा लिए गए निर्णय को सर्वोपरि मानते हुए न्यायपालिका पर भरोसा जताया है। उन्होंने नगरवासियों एवं आम जनता से अपील की है कि किसी के बहकावे पर ना आए एवं अपने विवेक से काम ले। हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है। वन विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

रतनपुर में महामाया मंदिर के कुंड में 29 कछुओं की मौत के मामले ने पूरे नगर को स्तब्ध और दुखी कर दिया है। जांच की मांग और रतनपुर न्याय मंच पर सवाल उठाए गए हैं। न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए आम जनता से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। हम सभी को न्यायालय के ऊपर भरोसा रखना चाहिए एवं सम्मान करना चाहिए।रतनपुर न्याय मंच पर नीरज जायसवाल के सवाल:


प्रमुख प्रश्न


शनिचरी बाजार: बरसों पुरानी शनिचरी बाजार में मवेशी बाजार और रावण दहन के आयोजन पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि नगर पंचायत से लेकर नगर पालिका के पजेशन में होने के बावजूद इसे कब्जा कर लिया गया। नीरज जायसवाल पूछते हैं कि न्याय मंच तब कहां था?

नया बस स्टैंड: नया बस स्टैंड के अधिग्रहण और निर्माण पर सवाल उठाए गए हैं। नीरज जायसवाल पूछते हैं कि न्याय मंच तब क्यों नहीं बनाया गया जब नगर पालिका भवन और यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए?

सब्जी मार्केट: स्वीपर मोहल्ला के पास सब्जी मार्केट को हटाकर शॉपिंग कंपलेक्स बनाने पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि शॉपिंग कंपलेक्स कभी पजेशन पर ही नहीं दिया गया। नीरज जायसवाल पूछते हैं कि नया मंच कहां था?
मछली निकासी: महामाया कुंड पर मछली निकासी पर बवाल के अलावा भैरव कुंड और गिरजा बंद कुंड के मछली निकलने पर न्याय मंच की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।

स्ट्रीट लाइट घोटाला: करोड़ों रुपया के स्ट्रीट लाइट घोटाले पर सवाल उठाए गए हैं जो 75% बंद पड़ा रहता है। नीरज जायसवाल पूछते हैं कि न्याय मंच तब कहां था?

तालाबों पर कब्जा:रतनपुर के पुराने तालाबों पर बेतहाशा बेजा कब्जा और बिक्री पर सवाल उठाए गए हैं। नीरज जायसवाल पूछते हैं कि नया मंच तब कहां था?





निष्कर्ष

नीरज जायसवाल ने न्याय मंच से अपने सवालों के स्पष्ट उत्तर मांगे हैं और आम जनता से अपील की है कि वे अपने विवेक से काम लें, किसी भी अफवाह या बहकावे में न आएं, और न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान करें।

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